बच्चे भगवान का रूप होते हैं
कहते हैं बच्चे भगवान का रूप होते हैं लेकिन आज जो मैंने देखा उसका एक दम से अच्छा मैं आ गया मैं, देखा ये की 2 से 2.5 साल का बच्चा के अपने माता पिता के सामने गलतियां
करे जा रहा था या बो परिवार हमें बच्चों की बातों को सुन उसके माता पिता को भूत आनंद आ रहे थे बस बच्चों की गलतियां कुछ ऐसे थी की देख या सुन के मुझे भूत 25 आया लेकिन क्या सच में एक उसके ही चाचा को गली दे रहे थे या बो गली भुत ही गंदी थी जो शायद ही कोई अपने बच्चों को सीखने दे लेकिन में है उन माता पिता को भूत गर्भ महसूस हो रहा होगा की उनको देखना होगा। नहीं जाना, क्या हम नहीं रुक सकते हैं
एसा कुछ गलत होते हैं।
चलिये मैं बताता हूं हम बच्चों की गली के सीखने का राज।
बच्चे का परिवार ग्रीब था या बो बच्चे 4 भाई बहन थे चारो मैं बो सब से छोटा था उसके पिता समान को यहां से कहां पाहुचाने का काम करते थे या उसकी मां घर का काम सास का काम घर के बहुत सारे काम उसके माता पिता पड़े लिखे भी नहीं है लेकिन मां ने
अपने चार बच्चों को मामी जी, पापा जी, अम्मा जी, चाचा जी, या भी बहुत कुछ अच्छा सिखया सिखती भी थी
माँ जो थी।
रात को मैंने देखा उसके पिता जी पूरे नशे में या हमें बच्चों के पिता ने
लॉरी पार्क की या घर के बजाए दसरे का दरवाजा खटखटने लगा मोहल्ले के लोग जागे या शूर गुल मच गया जिस्का दरवाजा बजाया बो वैक्ति ने उसकी पत्नी को बुला के घर भेज दिया।
जब बो घर गया तो हमें खाना नहीं मिला
तो उसे अपनी पत्नी को मरना पिटना या गंदी-गंदी गालियां देना शूरू हो गया चारून बच्चे सोये हुए बो जाग गए थे तबी बो भी उनकी बातों को भी सुन रहे थे या बो बार बार गलियां ही देता रहा।
शायद आपको पता लगा हो की केसे उन का बच्चा गली देने चाहा
ध्यान रहे घर मैं पति पत्नी के या घर के किसी काम के बिशाया मैं आपकी
बातों को आपके बच्चे को सीखने से नहीं रुकेंगे तो याद रहे सोच समझ के बोले जो भी बोले।
बच्चन के सामने हमें अच्छी या सिर्फ अच्छी ही बातो को लाए जिसके आने बाले जीवन में कुछ नया सिख जाए।
दरसल गरीबी या अमीरी देख के नहीं आते ह संस्कार या पेसों से ये शब्द से बनते हैं या शब्द हमेशा सोच समझ के निकाले गए।


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